2018 में राजस्थान और मध्य प्रदेश का चुनाव जीतकर कांग्रेस ने भले ही ये दर्शा दिया हो की वो कुछ प्रदेशों में अभी भी पकड़ रखती है लेकिन उनकी सत्ता पर लगातार खतरा ही मंडराता रहता है. कभी देखने को मिलता है की अशोक गेहलोत और सचिन पायलट की आपस में खटपट चल रही है तो कभी सुनने को मिलता है की कमलनाथ और दिग्विजय अपने अपने बेटों को गद्दी लगाकर देना चाहते हैं और इससे नाराज़ रहते हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया. दोनों प्रदेशों से लगातार उठापटक की खबरों के बीच बड़ी खबर 10 मार्च को आयी जब मध्य प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस्तीफा दे दिया हालाँकि ये इस्तीफ़ा 9 मार्च को ही लिखा जा चुका था लेकिन इसे अमित शाह और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के बाद 10 तारिख को सार्वजानिक किया गया. सिंधिया राजघराने के ज्योतिरादित्य सिंधिया जिन्हे आम तौर पर लोग महाराज के नाम से पुकारते हैं, उन्होंने एक साल सोच विचार करने के बाद आखिर में कांग्रेस का पल्ला छोड़ कर बीजेपी का दमान आखिर में थाम ही लिया. और उनके पीछे पीछे कांग्रेस के 19 विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया. कौन हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया- ज्योतिर...