राजस्थान की मशहूर गाथाओं में से एक है रानी पद्मावती के जौहर की गाथा, सदियों से ये कहानी राजपूत औरतों की मान-मार्यदा और उनके गौरव के उदाहरण के रूप में जानी गई है। रानी पद्मावती की मान-सम्मान की कहानी को बाॅलीवुड के एक फिल्मकार संजय लीला भंसाली ने रूपहले पर्दे पर उतारने का प्रयास किया, ये प्रयास ही अपने आप में एक सराहनीय कदम था क्योकि किसी राजा महाराजा की जीवनी का रूपांतरण करना मुश्किल होता है। लेकिन संजय लीला भंसाली और उनकी टीम ने सालों की मेहनत के बाद आखिर में ये कर दिखाया और आखिर में 9 अक्टूबर 2017 को रानी पद्मावती फिल्म का ट्रेलर यूट्यूब पर रिलीज़ कर दिया गया था।
ट्रेलर रिलीज़ होते अचानक देशभर के राजपूतों की भावनाऐं आहत होने लगी, अचानक उन सभी को लगने लगा की एक फिल्म से उनकी सदियों पुरानी राजपूतानी इज्जत खतरे मे है। फिल्म पद्मावती में रानी पद्मिनी का रोल अदा कर रही अदकारा दीपिका पादुकोण को लोगो द्वारा मारने की और ना जाने क्या क्या करने की धमकीयाॅं मिली है... पर यहाॅं मेरा सवाल हर उस राजपूत से है जो इस फिल्म को बैन करने की मांग कर रहा है.. क्या इतना नाजुक और कमजोर है राजपूतों का इतिहास की एक फिल्म से बदल जाएगा? मैने बहुत से लोगो को ये कहते हुए सुना है कि ये फिल्म हर हिन्दु के अस्तित्व पर हमला है.. माफ किजीएगा लेकिन मुझे नही लगता की मेरा और मेरे धर्म का अस्तित्व इतना कमजोर है कि किसी नाट्य रूपांतरण से बदल जाए...
सरधना के अभिषेक सोम ने दीपिका पादुकोण और संजय लीला भंसाली की गर्दन काटकर लाकर देने वाले को 5 करोड़ देने का वादा किया है और पूछे जाने पर की वो ये पैसा लाऐंगे? तो उस महान व्यक्ति ने जवाब दिया कि.. वो अपनी सारी प्रार्पटी बेच देगा और तब भी पैसे पूरे ना पड़ने पर उसके राजपूत भाई उसकी मदद करेंगें।
मेरा सवाल यहाॅं ये है कि अगर अभिषेक सोम के पास वाकई में 5 करोड़ रूपये होते तो वह सबसे पहले अच्छी पीआर टीम हायर करता क्योकि फिर उसको लाइमलाइट में आने के लिए ऐसा घटिया पब्लिसिटी स्टंट करने की जरूरत नही पड़ती... अभिषेक सोम जैसे लोगों के पास होता एक टका भी नही है लेकिन लंबी-लंबी डींगे छोड़ने में वो नेताओं के भी नेता होते है।
ऐसा ही कुछ कहना है करणी सेना के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह और उनके कार्यकर्ताओं का... लोकेंद्र सिंह ने बीती 15 नवंबर को दीपिका पादुकोण को धमकी देते हुए कहा कि अगर ये फिल्म रिलीज होती है तो वो उनकी नाक-कान काट देंगे। मेरा बस इतना सा सवाल है कि कौन है ये लोकेन्द्र और किसने हक दिया उसे या किसी को भी इस तरह की बात किसी महिला के लिए बोलने का... यहाॅं पर मैं फिल्म पद्मावती का एक डायलाॅग अपने अंदाज में लिखते हुए लोकेन्द्र को जवाब देना चाहुॅंगी कि.....
औरत के मान सम्मान पर हमला करे... वो राजपूत?
किसी को भी जान से मारने की धमकी दे... वो राजपूत? या फिर
ना तो खुद कोई काम करे और ना ही करने दे... वो राजपूत?
सच्चा राजपूत कभी किसी औरत के मान-सम्मान और इज्जत को क्षति नही पहुॅंचाएगा... सच्चे राजपूत को पता होगा कि उसका और उसके समाज का अस्तित्व किसी भी फिल्म के बनने से नही हिल सकता है।
आखिर में मेरी हर राजपूत से विनती है कि संजय लीला भंसली और दीपिका पादुकोण ने सिर्फ राजपूतों एक गौरवशाली इतिहास का एक नाट्य रूपांतरण करने का प्रयास किया है और इस फिल्म से जुड़े किसी भी व्यक्ति की कोई भी मंशा आहत करने की नही थी।
अपने परिवार के साथ जाए और फिल्म को एक मनोरंजक तरीके से देखे क्योकि ये फिल्म सिर्फ मनोरंजन के लिए बनाई गई है।
ट्रेलर रिलीज़ होते अचानक देशभर के राजपूतों की भावनाऐं आहत होने लगी, अचानक उन सभी को लगने लगा की एक फिल्म से उनकी सदियों पुरानी राजपूतानी इज्जत खतरे मे है। फिल्म पद्मावती में रानी पद्मिनी का रोल अदा कर रही अदकारा दीपिका पादुकोण को लोगो द्वारा मारने की और ना जाने क्या क्या करने की धमकीयाॅं मिली है... पर यहाॅं मेरा सवाल हर उस राजपूत से है जो इस फिल्म को बैन करने की मांग कर रहा है.. क्या इतना नाजुक और कमजोर है राजपूतों का इतिहास की एक फिल्म से बदल जाएगा? मैने बहुत से लोगो को ये कहते हुए सुना है कि ये फिल्म हर हिन्दु के अस्तित्व पर हमला है.. माफ किजीएगा लेकिन मुझे नही लगता की मेरा और मेरे धर्म का अस्तित्व इतना कमजोर है कि किसी नाट्य रूपांतरण से बदल जाए...
सरधना के अभिषेक सोम ने दीपिका पादुकोण और संजय लीला भंसाली की गर्दन काटकर लाकर देने वाले को 5 करोड़ देने का वादा किया है और पूछे जाने पर की वो ये पैसा लाऐंगे? तो उस महान व्यक्ति ने जवाब दिया कि.. वो अपनी सारी प्रार्पटी बेच देगा और तब भी पैसे पूरे ना पड़ने पर उसके राजपूत भाई उसकी मदद करेंगें।
मेरा सवाल यहाॅं ये है कि अगर अभिषेक सोम के पास वाकई में 5 करोड़ रूपये होते तो वह सबसे पहले अच्छी पीआर टीम हायर करता क्योकि फिर उसको लाइमलाइट में आने के लिए ऐसा घटिया पब्लिसिटी स्टंट करने की जरूरत नही पड़ती... अभिषेक सोम जैसे लोगों के पास होता एक टका भी नही है लेकिन लंबी-लंबी डींगे छोड़ने में वो नेताओं के भी नेता होते है।
ऐसा ही कुछ कहना है करणी सेना के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह और उनके कार्यकर्ताओं का... लोकेंद्र सिंह ने बीती 15 नवंबर को दीपिका पादुकोण को धमकी देते हुए कहा कि अगर ये फिल्म रिलीज होती है तो वो उनकी नाक-कान काट देंगे। मेरा बस इतना सा सवाल है कि कौन है ये लोकेन्द्र और किसने हक दिया उसे या किसी को भी इस तरह की बात किसी महिला के लिए बोलने का... यहाॅं पर मैं फिल्म पद्मावती का एक डायलाॅग अपने अंदाज में लिखते हुए लोकेन्द्र को जवाब देना चाहुॅंगी कि.....
औरत के मान सम्मान पर हमला करे... वो राजपूत?
किसी को भी जान से मारने की धमकी दे... वो राजपूत? या फिर
ना तो खुद कोई काम करे और ना ही करने दे... वो राजपूत?
सच्चा राजपूत कभी किसी औरत के मान-सम्मान और इज्जत को क्षति नही पहुॅंचाएगा... सच्चे राजपूत को पता होगा कि उसका और उसके समाज का अस्तित्व किसी भी फिल्म के बनने से नही हिल सकता है।
आखिर में मेरी हर राजपूत से विनती है कि संजय लीला भंसली और दीपिका पादुकोण ने सिर्फ राजपूतों एक गौरवशाली इतिहास का एक नाट्य रूपांतरण करने का प्रयास किया है और इस फिल्म से जुड़े किसी भी व्यक्ति की कोई भी मंशा आहत करने की नही थी।
अपने परिवार के साथ जाए और फिल्म को एक मनोरंजक तरीके से देखे क्योकि ये फिल्म सिर्फ मनोरंजन के लिए बनाई गई है।

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