दिल्ली और एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से जो धुंध अपने पैर पसार के बैठी है उसको लेकर सरकार और एनजीटी जो कदम उठा रही है, वो शायद उतने कारगार नही है जितना कारगार उन्हे होना चाहिए था। क्योकि दिल्ली का प्रदूषण अपने स्तर से तीस गुना बढ़ चुका है.... इस स्माॅग में डेली कालिज और आॅफिस जाने वाले लोगो को आॅंखो में जलन के साथ ना जाने कितनी दिक्कते हो रही है ये तो बस वही लोग जानते है।
दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस दिल्लीवासियों को इस मुसीबत से निजात दिलाने के लिए आसपास के राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अपील की वो मिलकर इस स्माॅग का समाधान निकालें... लेकिन अरविंद केजरीवाल के इस न्योते के बाद भी दिल्ली में स्माॅग जस का तस था। इस मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उत्तर भारत हर दूसरे महीने एक गैस चैम्बर में तब्दील हो जाता है और इसका समाधान सिर्फ जल रही फसलें को बुझाना ही नही है, उन्होने ये भी कहा कि हम किसानों को नही बोल सकते कि आप फसलें मत जलाओं क्योकि उनके लिए ये एक आसान तरीका है... दरअसल, ये एक अर्थव्यवस्था वाली परेशानी है... किसानों को फसले जलाने से रोकने के लिए प्रदेश सरकारों को किसी और समाधान के साथ उनके सामने ना जलाने की बात रखनी होगी...
पर जब पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से इस बारे में बात कि गई तो उन्होने कहा कि अरविंद केजरीवाल अजीब है... उनके पास हर समस्या का समाधान होता है... वो इस समय स्थिति को नही समझ रहे है.. पंजाब किसानों का राज्य है.. पंजाब में 2 करोड़ धान पुआल है और अगर मैं उनसे इन धान पुआलों को रखने के लिए बोलता हुॅं तो उनके खेत इन पुआलों से ही भर जाएंगें जिसके बाद वो खेती कहाॅं करेंगे... केजरीवाल यहाॅं पर मुख्य मुद्दा समझने को तैयार नही है।
वहीं, जब पर्यायवरण मंत्री हर्षवर्धन से बात कि गई तो उन्होने उम्मीद जताई कि जल्दी ही इस समस्या से मुक्ति मिलेगी इस बात की उन्हे पूरी उम्मीद है इसलिए उनकी अपील है कि दिल्लीवासी इस समस्या को लेकर परेशान ना हो... उन्होने ये भी कहा कि हम सब को एहतियात बरतते हुए इस समस्या से एक साथ लड़ना होगा और अपने बच्चों को इस समस्या से बचाना होगा...
देश के उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी के आस-पास के इलाकों और शहरों में बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए दायर याचिकाओं पर केंद्र, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब सरकारों को नोटिस जारी किए है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी अन्य अदालत में प्रदूषण को लेकर चल रही कार्यवाही पर रोक नही होगी।
गौर करने वाली बात ये है कि बीते कई दिनों से दिल्ली को अपने आगोश में लिए बैठे स्माॅग से निपटने के लिए दिल्ली सरकार जो कोशिशे कर रही है.... वो प्रदूषण कि रोकथामे के लिए कितनी कारगार है ये तो वक्त के साथ ही पता चलेगा क्योकि दिल्ली सरकार की किसी भी स्कीम का परिणाम अब तक तो नज़र नही आया।

Comments
Post a Comment