सोमवार की रात को चेन्नई की रहने वाली इंदुजा को उनकी उनकी माॅं और बहन के संग जला कर मारने का प्रयास एक ऐसे लड़के ने किया जो पिछले एक साल से इंदूजा को प्यार करने का दावा करते हुए उसका पीछा करता था। दरअसल, पेशे से इंजीनियर इंदूजा का पीछा पिछले एक साल से आकाश नाम का एक लड़का करता था.. और जब इंदूजा ने उसके प्यार के इजहार को नकारते हुए मना किया तो गुस्से में आकर उस दरिंदे ने इंदूजा के साथ उसकी माॅं और बहन को भी जलाकर मारने का प्रयास किया। किसी का पीछा करना एक अपराधिक जुर्म है जिसकी सज़ा सेक्शन 354डी के तहत दी जाती है। ‘‘स्टाॅकिंग‘‘ के अपराधी को पहली बार सरकार द्वारा बेल दे दी जाती है लेकिन दूसरी बार शिकायत होने पर ये जुर्म नाॅन-बेलेबल हो जाता है। लेकिन यहाॅं बात इस बात को समझने की ज्यादा जरूरत है कि किसी भी लड़की का पीछा करके उसको परेशान करना या उसका पीछा करके प्यार का इजहार करना कितना गलत है और इस अपराध की शह कहीं ना कहीं हमारे सिनेमा ने भी लोगो को दी है क्योकि पिक्चरों में अक्सर देखा जाता है कि लड़का लड़की का पीछा करता है और बहुत ना-नुकुर के बाद लड़की भी मान जाती है और उन दोनो में प्यार हो जाता है, कहा जाता है कि सिनेमा का असर बहुत हद तक हमारी सोच पर पड़ता है।
प्यार में पागल आशिक को जब पीछा करने के बाद जब जवाब में ना मिलती है तो वो किसी संगीन जुर्म को अंजाम देता है। बात अगर इन सिरफिरों के दोगले इश्क की करें... तो सन् 2016 में 300 ऐसे मामले सामने आए जिनमें लड़कियाॅं ऐसे सिरफिरे आशिकों के इश्क का शिकार हुई है लेकिन करीबन 1000 मामले ऐसे है जोकि दर्ज ही नही हुए है। वहीं, अगर बात कि जाए इन सिरफिरे आशिकों द्वारा किए जाने वाले शारीरिक उत्पीड़न कि तो उसकी संख्या भी कम नही है।
किसी का भी पीछा करना, उसके साथ जबरदस्ती करना, बेवजह परेशान करना, किसी भी लड़की की मर्जी के बिना उसके साथ किसी भी तरह का संबंध बनाना.... ये सब जुर्म है... एक संगीन जुर्म है.... किसी भी लड़की को परेशान करके अपनी मर्दानगी दिखाना उस आदमी की परवरिश को दर्शाता है।
शुरूआत घर से होती है... अपनी बेटियों को सुरक्षित करने के लिए... बेटों को ना कहना शुरू किजिए... पक्षपात बंद किजिए..
एक नए समाज की शुरूआत आपके घर से होगी, आपके आॅंचल से होगी, आपकी पहल से होगी.............


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